बड़ी खबर…कार्यवाही से बिफरे बस मालिक, समझौता टूटा,थम गये बसों के पहिए

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(Amit Dubey-8818814739)
शहडोल। परिवहन विभाग और बस मालिकों के बीच समझौते के बाद गुरूवार को फिर दोनों की लड़ाई सड़क पर दिखने लगी, इस बार दोनों ने एक दूसरे को निपटाने और कीचड़ उछालने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी, गुरूवार की सुबह से ही परिवहन विभाग की कई टीमें उडऩ दस्ते बनकर प्रमुख मार्गाे पर यात्री बसों की जांच करने में जुट गये। (hal e हलचल) प्रमुख मार्गाे पर वाहनों की जांच सिर्फ यात्री बसों और खासकर सिर्फ एमपी 18 नंबर की बसें निशाने पर रहीं। (hal e हलचल) वहीं यह भी आरोप लगे कि बस एसोशिएशन से टूटकर अलग हुए ब्यौहारी के दादू एण्ड संस की बसों को परिवहन विभाग ने इस कार्यवाही व जांच के दायरे से बाहर रखा। बाकी लगभग सभी बस संचालक परिवहन विभाग के निशाने पर रहे।
इधर कार्यवाही-उधर पत्रकार वार्ता
परिवहन अधिकारी आशुतोष सिंह भदौरिया और परिवहन विभाग के अन्य जिलों के अधिकारी मुख्य मार्गाे पर बसों की जांच करते रहे, (hal e हलचल) इस बार परिवहन विभाग द्वारा जांच का दायर और विभाग के कायदे जिस हिसाब से लागू किये गये, (hal e हलचल) उस कार्यवाही ने बस मालिकों की नींदे उड़ा दी, खबर है कि जिस बस को 49 सीटों की अनुमति थी, उसमें 2 यात्री भी ज्यादा मिले तो जुर्माना लगा दिया गया। (hal e हलचल) यही नहीं बसें खड़ी कराकर माईक्रोस्कोप से गलतियां ढूंढने और जुर्माना ठोकने (hal e हलचल) जैसी कवायत गुरूवार की सुबह से अभी तक जारी है। (hal e हलचल) वहीं इस पूरी कार्यवाही से हताश होकर बस मालिकों ने पत्रकारवार्ता का आयोजन किया और उसमें आशुतोष सिंह भदौरिया पर खुलकर आरोप लगाये।
बैठक की आड़ में लाखों का जुगाड़
पत्रकारवार्ता के दौरान बस एसोशिएशन के अध्यक्ष महंत गौतम ने परिवहन अधिकारी और विभाग पर गंभीर आरोप लगाये, (hal e हलचल) उन्होंने कहा कि जिस स्थाई परमिटों की बैठक के लिए अधिकारी ऐड़ी-चोटी का जोड़ लगाये हुए है, दरअसल वह जुगाड़ की बैठक है, (hal e हलचल) एक स्थाई परमिट के लिए 30 से 40 हजार रूपये सिर्फ रिश्वत के देने पड़ते हैं, (hal e हलचल) वहीं फार्म व वकील की फीस आदि मिलाकर 1 परमिट के पीछे 60 से 70 हजार रूपये का खर्च आता है। (hal e हलचल) बसों को परमिट देने की आड़ में लाखों का जुगाड़ जब खटाई में नजर आने लगा तो परिवहन अधिकारी आशुतोष सिंह भदौरिया और उनके वरिष्ठ अजय गुप्ता ने दबाव बनाने के लिए सिर्फ शहडोल में ही बस मालिकों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है, (hal e हलचल) जबकि पूरे प्रदेश में कहीं भी इस तरह का अभियान नहीं चल रहा है।
यह भी हैं आरोप
पत्रकारवार्ता के दौरान बस मालिकों ने खुलकर कहा कि वे जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित संभागीय अधिकारियों का सम्मान करते हैं, (hal e हलचल) उन्हीं के कहने पर परिवहन अधिकारी से चर्चा के बाद 21 अगस्त को होने वाली हड़ताल स्थगित की गई थी, (hal e हलचल) लेकिन परिवहन अधिकारी ने वार्ता होने के बाद भी दबाव बनाने की नीयत से गुरूवार को जबरिया जांच अभियान शुरू किया गया, (hal e हलचल) जिसकी सब निंदा करते हैं। यही स्थिति रही तो हम आज से ही अपनी बसों के पहिए रोक देंगे, साथ ही महंत गौतम ने यह भी कहा कि पूरी बस एसोशिएशन और बस मालिक एक हैं, (hal e हलचल) सिर्फ ब्यौहारी के दादू एण्ड संस पूरे एसोशिएशन से अलग हैं, यही कारण है कि सड़क पर वाहनों की जांच कर रही टीम दादू एण्ड संस की बसों को आंखे मूंदकर जाने दे रही है।

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