शनि जयंती, वट सावित्री के साथ होगी नौतपा की शुरुआत

0
17

शहडोल । सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश शनि जयंती पर होगा। इसी के साथ नौतपा की शुरुआत हो जाएगी। 25 मई को शनि जयंती मनाई जाएगी। इस मौके पर वट सावित्री पूजन भी किया जाएगा। पं. सुरेश द्विवेदी के अनुसार अमावस्या सूर्योदय से शुरू होगी जबकि सूर्य का रोहिणी में प्रवेश सुबह 8.15 बजे होगा। इस दिन कृतिका नक्षत्र और वृषभ का चंद्रमा रहेगा। साढ़े साती, ढैया आदि से पीडि़त जातकों के लिए शनि आराधना विशेष फलदायी होगी। शुरुआती पांच दिन यानि 25 से 30 मई तक सूर्य, मंगल, बुध का शनि से समसप्तक योग बनेगा, जिससे धरती खूब तपेगी। धार्मिक मान्यता है कि शनि सूर्यपुत्र हैं।
खूब तपेगी धरती
इस बार नौतपा (9 दिन) में से पांच दिन धरती खूब तपेगी। ज्योतिषविदों के अनुसार 5 मई से ज्येष्ठ का महीना शुरू हुआ है, जो 2 जून तक रहेगा। खास बात ये है कि इस बीच 5 मंगलवार का योग भी बना है, जो गर्मी की बढ़ोतरी में विशेष सहायक रहेगा।
होगा पूजन-अर्चन
जिले के विभिन्न स्थानों पर स्थित शनि मंदिरों में शनि जयंती पर शनि स्तुति, पूजा एवं आरती के कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा भण्डारों के आयोजन की भी परंपरा का पालन किया जाएगा। शनिदेव के मंदिरों में शनिवार के दिन बड़ी संख्या में लोग श्रृद्धा पूर्वक पहुंचते और पूजा अर्चन करते हैं। शनि जयंती पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।
वट सावित्री की होगी पूजा
ज्येष्ठ मास की अमावश्या को मनाया जाने वाला वट सावित्री व्रत एवं पर्व भी 25 मई को मनाया जाएगा। स्मरणीय है कि सनातन धर्म की महिलाएं अपने पति के दीर्घायु के लिये वट वृक्ष की पूजा अर्चना करती और व्रत रखती हैं। अमावश्या के दिन ही सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के कारण नौतपा की शुरुआत भी हो रही है।
2 आषाढ़ बनाएंगे खंड वर्षा योग
इस बार दो आषाढ़ के महीने भी रहेंगे। पहला आषाढ़ 3 जून से 2 जुलाई तक और दूसरा आषाढ़ 3 जुलाई से 31 जुलाई तक रहेगा। आषाढ़ मास की अधिकता शास्त्रानुसार खंडवृष्टि का योग बनाते हैं। जुलाई का माह खंडवृष्टि का प्रमाण देगा।
यह है नौतपा
पं. सुरेश द्विवेदी के मुताबिक, ज्येष्ठ माह में सूर्य के वृष राशि के 10 अंश से 23 अंश 40 कला तक नौतपा कहलाता है। इस दौरान तेज गर्मी रहने पर बारिश के अच्छे योग और कम तपन पर बारिश में कमी दर्शाती है। सूर्य 8 जून तक 23 अंश 40 कला तक रहेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here