30 मिनट में डिलीवरी देने की तैयारी में जुटी अमेजन

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वॉशिंगटन। अमेजन के कंज्यूमर विभाग के सीईओ जेफ विल्क का कहना है कि अगर आपके पास ड्रोन फ्लीट हो तो आप कुछ भी ऑर्डर कर सकते हैं और आधा घंटे में उसकी डिलीवरी भी संभव है। तेज डिलीवरी के लिए अमेजन के पास अमेरिका और दुनिया भर में फुलफिलमेंट सेंटर हैं। अमेजन का यह एक नया कार नामा और अब कस्टमर से चंद दूरी पर है। अपने कस्टमरो को और अच्छी सुविधाओ को यूजर तक पहुचाने को काम अमेजन करने जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में अमेजन ने बोस्टन में रोबोट की डिजाइन और निर्माण के लिए एक प्लांट भी खोला है। ड्रोन बनाने के लिए अमेजन 6 साल से काम कर रही है। ऑर्डर को महज 30 मिनट में डिलीवरी करने के लिए अमेजन ने 35 अरब डॉलर (करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए) खर्च करने की योजना है। पश्चिम के बाजारों में हॉलिडे सीजन के दौरान प्राइम सदस्यों को एक दिन में डिलीवरी देने के लिए कंपनी अतिरिक्त खर्च करेगी।

रोबोट की टेस्टिंग कर रही अमेजन काफी बडी टीम
अमेजन ऐसे रोबोट की टेस्टिंग कर रही है, जो पैकेज को ले जा सकें। कंपनी सेल्फ ड्राइविंग वाहनों के लिए भी निवेश कर रही है। साथ ही, कंपनी सेल्फ ड्राइविंग ट्रक पर भी काम कर रही है। रोबोट और ड्रोन को लेकर कंपनी के पास चुनौतियां भी हैं।अमेजन ने नई तकनीक पर आधारित रोबोट बनाने के लिए बोस्टन में प्लांट खोला
ड्रोन बनाने के लिए अमेजन 6 साल से काम कर रही है, कंपनी के पास दुनिया भर में फुलफिलमेंट सेंटर हैं

ऑटोमेशन से 2030 तक 38 करोड़ लोगों पर असर करेगा यह सेवाए
2012 में कीवा सिस्टम्स को खरीदने के साथ अमेजन ने रोबोटिक्स में कदम रखा। कंपनी अभी भर्ती कर रही है, लेकिन एक बार रोबोट तैयार होने के बाद कर्मचारियों को निकालने की भी समस्या उसके सामने आएगी। मैकेंजी के एक अध्ययन के मुताबिक, ऑटोमेशन के कारण 2030 तक करीब 38 करोड़ लोगों को अपना काम बदलना पड़ेगा।